Jaun : The Chay Lover - Hindi Biography World

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Thursday, November 15, 2018

Jaun : The Chay Lover

Pic Credit : Google

शायरी की दुनिया में जो नाम सबसे ज्यादा मोहब्बत के साथ लिए जाते हैं, उनमें एक नाम जौन एलिया का भी है. जौन हिंदुस्तान में पैदा हुए थे और उनका बाकी का जीवन पाकिस्तान में बीता था. इस हिसाब से उन्हे हिंदुस्तान और पाकिस्तान दोनों ही जगह के लोग बड़ी ही उत्सुकता के साथ पढ़ते हैं.
 पर क्या आपने कभी सोचा है कि क्या होता अगर जौन चाय के दीवाने होते...?
 उनकी नज्में उनकी गजलें कैसी होती?
 अगर कभी नहीं सोचा तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है. नीचे जौन की एक गजल "फारिहा" में शब्दों का हेरफेर किया गया है. असल ग़ज़ल में जहां जॉन मोहब्बत के बारे में बात करते नजर आते हैं, वहीं यहां ग़ज़ल में चाय की बात की गई है..!

ग़ज़ल :-

मैं तो हूँ चाय का दीवाना फारिहा,
चाय मेरे लिए भी बनाना फारिहा,
.
वो नमकिन मुझे भी पसंद है बहुत,
वो नमकिन अकेले ना खाना फारिहा,
.
कर दे कोई अगर बुराई चाय की,
उसे सुनकर तंजन मुस्कुराना फारिहा,
.
फकीर बाद में हूं, पहले नारीवादी हूँ, 
बिल चाय के तुम ही चुकाना फारिहा,
.
इक तुम एक मैं, एक चाय हो वहां,
भाड़ में जाए सारा जमाना फारिहा,
.
बड़ी मेहनत से छूटते है निशान जले के,
आंच तेज करके बर्तन ना जलाना फारिहा..!

Kavi Agyat

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