भरी भरी सी आँखे - Hindi Biography World

Breaking

Follow by Email

Thursday, November 8, 2018

भरी भरी सी आँखे


इन भरी भरी सी आँखों में,
अब सपना बन के चलना तुम,
जब डगर अगर अनजानी हो,
तो अपना बन के चलना तुम,
न गुम होना चंदा की तरह,
ना सूरज बनके ढलना तुम,
बन जाना भले अश्रु-बूंदे,
मेरी आंखों से निकलना तुम,
सौ बार अगर मैं गिर जाऊँ,
मुझमे आकर के संभलना तुम,
पावन रहना गंगा की तरह,
बन दीपक मुझ संग जलना तुम,
तुम पायल की झंकारो सी,
मेरी मत में बहती रहना,
मैं मतवाला हूं बचपन से,
तुम सबसे ये कहती रहना,
इन भरी भरी सी आँखों में,
अब सपना बन के चलना तुम,
जब डगर अगर अनजानी हो,
तो अपना बन के चलना तुम,

Kavi Agyat

Related Post
स्याह काली रात, छुपी छुपी सहर
चलो तुम्हें उस लड़के से मिलवाता हूं
मैं मोहब्बत में हूं
गणतंत्रता दिवस विशेष
मातम
महादेव वंदन
कैसे
गर तुम बेवफ़ा हो गईं
आलौकिक मिलन
वो पागल कहते हैं तुम्हें
इक तुम्हारा साथ हो
आशंका
"अर्थहीन"
तुमसे मोहब्बत करनी है
अब बात नहीं होती
#long_distance_relationship
तुम सुबह हो
इंतकाम
भरी भरी सी आँखे
मर चुके हैं अब सब
सिपाही का संदेशा
"आज़ादी" मुबारक
"अटल" याद आओगे
"कविता" क्या है
"टाइटैनिक : एक जहाज़"
"तुम कैसी नज़र आती हो"

No comments:

Post a Comment